मंगलवार, 1 सितंबर 2015

जरा यह भी जाने की आखिरकार ये कैसे है धनवान और बड़े मंदिर।

बालाजी मंदिर- देश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां दान देना सख्त मना है। वीजा टेंपल के नाम से मशहूर हैदराबाद के चिलकुर बालाजी मंदिर में कोई हुंडी या दान पात्र नहीं है। मंदिर अपना खर्च परिसर के बाहर बने पार्किंग से आए पैसों से चलाता है। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि श्रद्धालुओं को ये पैसा मंदिर की दान पेटी में डालने की जगह गरीबों और जरूरतमंदों पर खर्च करना चाहिए। इससे ज्यादा पुण्य मिलेगा। हफ्ते में सिर्फ 3 दिन खुलने वाले मंदिर में 70 हजार से 1 लाख श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि विदेश जाने की इच्छा रखने वाले लोग अगर इस मंदिर में 108 परिक्रमा करते हैं तो उन्हें वीजा जरूर मिल जाता है।
2- भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर
कानपुर में स्थित ये देश का इकलौता ऐसा मंदिर हैं जहां न्यायधीश, नेता, सांसद, विधायक और मंत्रियों का प्रवेश वर्जित है। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि देश में फैले भ्रष्टाचार के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं। ऐसे में ये मंदिर के अंदर नहीं आ सकते हैं।
अब जरा मंदिरों से जुड़े इन इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स को भी जान लीजिए...
1- देश के 4 बड़े मंदिरों (तिरुपति, शिर्डी साईं बाबा, सिद्धि विनायक और काशी विश्वनाथ) की एक दिन की औसत कमाई 8 करोड़ रुपए और हर मिनट कमाई 55 हजार रुपए है। इसमें से अकेले करीब 7 करोड़ रुपए दान तिरुपति मंदिर के पास आता है। इतना दान एक दिन में पाने वाले ये इकलौते भगवान हैं। तिरुपति मंदिर में स्थित भगवान 24 घंटे 70 किलो सोने की ज्वैलरी पहने रहते हैं।
2- तिरुपति मंदिर एक साल में सैलरी और सुविधाओं पर 695 करोड़ रुपए खर्च करता है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियाें जैसे ही मंदिर भी कर्मचारियों-पुजारियों को मंदिर, गाड़ी, होम लाेन, एजुकेशन लोन, शादी के लिए लाेन, फ्री फूड, पीएफ-पेंशन जैसी कई सुविधाएं देता है।
3- देश के मंदिरों के पास 50 लाख करोड़ रुपए की कीमत का कुल 22 हजार टन (करीब 20 लाख क्विंटल) सोना है। ये अमेरिकी गोल्ड रिजर्व (8133.5 टन) का ढाई गुना और भारतीय गोल्ड रिजर्व (557.7 टन) का 40 गुना है। ये दौलत इतनी है कि रिलायंस जैसी करीब 25 कंपनियां एक बार में खरीदी जा सकें। (26 अगस्त को रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैपिटल 2.60 लाख करोड़ रुपए थी। )
4- मंदिरों के इस स्वर्ण भंडार की कीमत करीब 50 लाख करोड़ रुपए है। इतने पैसे से पूरा देश 500 साल तक फ्री में पेट्रोल भरवा सकता है। (एक साल में भारतीय 10,200 करोड़ का पेट्रोल भरवाते हैं।) या 100 साल तक ट्रेन में फ्री में सफर सकता है। (2015 के रेल बजट के अनुसार, 2014 में देश के लोगों ने ट्रेन में सफर करते हुए रेलवे को 42,000 करोड़ रुपए की कमाई कराई।) या 2 साल तक फ्री में खाना खा सकता है। (तेंडुलकर कमेटी में प्रति व्यक्ति सालाना भोजन की लागत 18000 रुपए बताई गई है।)
5- देश भर में 80 बुलेट ट्रेन चलाई जा सकती हैं। (एक बुलेट ट्रेन को चलाने में 62 हजार करोड़ रुपए की लागत आती है।)
6- देश के सबसे अमीर मंदिर तिरुपति तिरुमला में एक हजार लोग मिलकर 3 लाख से ज्या़दा लड्डू बनाते हैं। इन्हें बेचकर मंदिर को सालाना करीब 200 करोड़ रुपए की कमाई होती है।
7- 1200 नाईं महिलाओं के बाल काटने के लिए तिरुपति मंदिर में रखे गए हैं। इन बालों को बेचकर मंदिर को सालाना 220 करोड़ रुपए की कमाई होती है। मंदिर सालाना 850 टन बाल बेचता है। 283.5 ग्राम औसत वजन वाला महिलाओं का बाल 17900 रुपए में बिकता है। 453.6 ग्राम वजन के लंबे बालों के 29,900 रु मिलते हैं।
8- अकेले तिरुपति तिरुमला मंदिर की कुल संपत्ति (1.30 लाख करोड़) देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अबांनी की कुल दौलत (फोर्ब्स 2015 के मुताबिक 1.29 लाख करोड़) से ज्यादा है।

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