सोमवार, 30 मई 2016

क्यों नहीं नशा मुक्त हो हमारा समाज...

अजीब लगता हे न, जब किसी इसे व्यक्ति की मदद करते हे जिसे अपने खुद की फिकर नहीं। होता है। फिर भी आज इसी ही घटना हुई।
  आज लोगो ने एसे आदमी की मदद करने के लिए चंदा इकट्टा करने के लिए निकले जिसने अपनी सारी जिंदगी सराब पीकर ख़राब कर दी। लोगो की दया भावना सही थी। ये एक ऐसा कदम था जो कष्टपूर्ण था और खर्चीला था। लोगो को इससे कोई और हल निकलना शयद समझा न हो परन्तु हल है।उन लोगो में जो चंदा जमा कर रहे थे उनमे से ज्यातर लोग शराब, एवं अन्य नशीली वस्तुयों की चपेट में थे सायद उनकी जन्दगी भी आगे इसी ही होने वाली थी। मगर उन्होंने जरा ये नहीं सोचा की जड़ से इस समस्या को खत्म कर दे! हमारे समाज से शराब,बीडी, घुटका आदि को दूर करे और अपनी आगे की जिन्दगी निच्चिंत होकर जीये। चाहे कोई ये पोस्ट पढ़े न पढ़े लेकिन की एक बार इसे ध्यान से समझ ले तो मेरा लिखना सार्थक होगा। ध्यान दे तो समाज कुरीतियों से भरा है मगर इन कुरीतियों को पला भी तो हमने है। कोई फायदा नही सिर्फ और सिर्फ इमान, चरित्र-हीनता और जीवन की बर्बादी अगर इन कुरीतियों को नहीं दूर किया तो। तो क्यों पला है इन्हें क्या सुख देती है ये, नहीं ना! तो दूर करो इन्हें। करना पड़ेगा नहीं करो जब तक अंतिम सांस है दूर रहो। अगर हर एक अपने और अपने परिवार की कसम खाकर कहे की आज के बाद में किसी भी प्रकार का नशा करूँगा और न ही करने की सलाह दूंगा तो कोई माईकालाल नहीं की भरता को फिर से एक बार सोने की चिड़िया ना कह सके।
अगर आप भी मेरी इस बात से सहमत हे तो मेरे साथ प्रतिज्ञा करे की
" मैं प्रतिज्ञा करता हु की में अपनी सम्पूर्ण जिन्दगी में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करूँगा और कभी भी किसी को भी नशा करने की सलाह नहीं दूंगा और अपने, अपने समाज,परिवार, और देश हित में लोगो को इसके प्रति जागरूक करूँगा।"
धन्यवाद मेरी इस पोस्ट को ध्यान-मग्न होकर पढने के लिए।
―में Mukesh Patel अपने शब्दों में बस यही तक।
@ internetinfo.in

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