बुधवार, 8 मार्च 2017

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस International Women’s Day

International Women’s Day

कैसे शुरुआत हुई अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की

1908 में 15000 महिलाओ ने न्यूयॉर्क सिटी में वोटिंग अधिकारों की मांग के लिए, काम के घंटे कम करने के लिए और बेहतर वेतन मिलने के लिए मार्च निकाला. एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी की घोषणा के अनुसार 1909 में यूनाइटेड स्टेट्स में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया. 1910 में clara zetkin (जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की महिला ऑफिस की लीडर) नामक महिला ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार रखा, उन्होंने सुझाव दिया की महिलाओ को अपनी मांगो को आगे बढ़ने के लिए हर देश में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना चाहिए.  एक कांफ्रेंस में 17 देशो की 100 से ज्यादा महिलाओ ने इस सुझाव पर सहमती जताई और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की स्थापना हुई, इस समय इसका प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को वोट का अधिकार दिलवाना था. 1911, मार्च 19 को पहली बार आस्ट्रिया डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में  international women’s day  मनाया गया. 1913 में इसे ट्रांसफर कर 8 मार्च कर दिया गया और तब से इसे हर साल इसी दिन मनाया जाता है. 1975 में पहली बार यूनाइटेड नेशन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया.

कुछ चेहरे जो नारी-शक्ति की मिसाइल है...

सुनीता विलियम

सुनीता विलियम
सुनीता विलियम अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के माध्यम से अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला है। अंतरिक्ष में 7 बार जाने वाली (50 घंटे 40 मिनट स्पेसवॉक) वह पहली महिला है। वह अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन अभियान दल 14 और 15 की सदस्य भी रह चुकी है। 2012 में, उन्होंने अभियान दल 32 में फ्लाइट इंजिनियर बनकर और अभियान दल 33 कमांडर बनकर सेवा की थी।
सुनीता विलियम के सम्मान और पुरस्कार – Sunita Williams Awards :
1) नेवी एंड मैरिन क्रॉप अचीवमेंट मैडल।
2) ह्युमनीटेरियन सर्विस मैडल।
3) नेशनल डिफेन्स सर्विस मैडल।
4) नासा स्पेसफ्लाइट मैडल।
5) गवर्नमेंट ऑफ़ रशिया द्वारा 2011 में “स्पेस अभियान दल” में मेरिट आने के लिये मैडल।
6) भारत सरकार द्वारा 2008 में पद्म भूषण से नवाजा गया।
7) गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी द्वारा 201३ में डॉक्टरेट की उपाधि दी गयी।
8) स्लोवेनिया सरकार द्वारा सन 2013 में गोल्डन आर्डर फॉर मेरिट्स का सम्मान।

किरण बेदी

किरण बेदी
किरण बेदी भारतीय पुलिस सेवा की प्रथम वरिष्ठ महिला अधिकारी हैं। किरन बेदी 1972 में पुलिस सर्विस(आईपीएस) में शामिल हुई, और भारत की पहली महिला अधिकारी बनी. एक किशोर की तरह, बेदी 1966 में राष्ट्रीय कनिष्ट टेनिस चैंपियन बनी. 1965 से 1978 के बिच उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार जीते. आईपीएस में शामिल होने के बाद किरन बेदी ने दिल्ली, गोवा और मिजोरम में सेवा की. उन्होंने अपना कार्यकाल पुलिस आयुक्त प्रतिनिधि (DCP) की तरह चाणक्यपुरी, दिल्ली से शुरू किया, और 1979 में राष्ट्रपति पुलिस मैडल जीता.
मई 1993 में, उन्हें दिल्ली कारागार में इंस्पेक्टर जनरल (IG) की तरह भेजा गया. जहा तिहार जेल में उन्होंने कई सुधार भी किये, जहा उनके इस प्रयत्न के लिए उन्हें 1994 में रमण मेगसेसे पुरस्कार दिया गया. 2003 में, किरन बेदी पहली महिला बनी जिसे यूनाइटेड नेशन ने नागरिक पुलिस सलाहकार हेतु नियुक्त किया. लेकिन उन्होंने 2007 में इससे इस्तीफा दे दिया, ताकि वे सामाजिक गतिविधियों और लेख लिखने में ध्यान लगा सके. उन्होंने कई सारी किताबे लिखी, और इंडिया विज़न फाउंडेशन भी चला रही है. 2008-11 के बिच, उन्होंने आप की कचेहरी की मेजबानी भी की. वो 2011 भ्रष्टाचार मुक्त भारत की नेता भी बनी, और जनवरी 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई.

कल्पना चावला

कल्पना चावला
कल्पना चावला पहली भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और अन्तरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। 1997 में वह अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थी और 2003 में कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में मारे गये सात यात्रियों के दल में से एक थी।
पुरस्कार – Kalpana Chawla Award :(मरणोपरांत)
1) कांग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान।
2) नासा अन्तरिक्ष उडान पदक।
3) नासा विशिष्ट सेवा पदक।

इंदिरा गाँधी

इंदिरा गांधी

इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं।

उन्हें विश्व भर के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी। एक ऐसी महिला जो न केवल भारतीय राजनीति पर छाई रहीं बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वह विलक्षण प्रभाव छोड़ गईं। यही वजह है कि उन्हें लौह महिला के नाम से संबोधित किया जाता है। 

तन चंचला 
मन निर्मला 
व्यवहार कुशला 
भाषा कोमला
सदैव समर्पिता |

नदिया सा चलना 
सागर से मिलना 
खुद को भुलाकर भी 
अपना अस्तित्व सभलना 
रौशन अस्मिता |

सृष्टि की जननी 
प्रेम रूप धारिणी 
शक्ति सहारिणी 
सबल कार्यकारिणी 
अन्नपूर्णा अर्पिता. |

मूरत ममता
प्रचंड क्षमता
प्रमाणित विधायक
सौजन्य विनायक
अखंड सहनशीलता |

आज का युग तेरा है परिणीता
नारी तुझ पर संसार गर्विता |


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